Friday, 5 December 2008

सुरक्षा केलिए साइकिल और परिवाहन से सहायता.

में सोचता हूँ की इन्फोर्मेशन टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री और युव भारतीय शक्ती से शुरू होना चाहिए। में समजता हूँ की कुछ भी काम पहले मुझे करना चाहिए और फिर बाढ़ में किसी और को उसे करने केलिए बोल्सक्था हूँ। और में इसी अनुभाघ (आईटी और भारतीय युवा शक्ती) का हूँ।

अभी यह महत्वपूर्ण समय हें ये। जहा हम कुछ धन सुरक्षा केलिए बचा सकते हें।

में सभी आईटी और युवा आलोचना सकती लोगों से कहता हूँ की हमें एक जूठ होकर यह बचत करना हें। मुझे साइकिल चलाते हूवे भारत में या जर्मनी में बहुत आसान लगता था और लगता भी हें।

प्रवाहान में मेरी प्रथामिक्थय इस प्रकार हें: (पहला सर्वश्रेष्ट से)

  1. साइकिल (हमें बेहतरीन और टिकाव क्य्क्लेस इस्तमाल करना चाहिए जिसे हमारा काम तेज और आसान होसखे। जिस्केल्ये हमें गियर साइकिल इस्थामाल करना चाहिए आपको कुछ विस्तार से क्य्क्लेस इन वेबसाइट पर मिल्सक्ठेय हैं : हीरो क्य्क्लेस , एटलस क्य्क्लेस अगर आपको किसी और वेबसाइट के बारेमें पता हो तो आप उन्हेंइस ब्लॉग पर प्रचार करे ताकि सबको इस्स्थ्माल होसके )
  2. सरकारी परिवाहन
  3. लिफ्ट या मदद मांग कर।
  4. बेहतरीन मिल शक्ती मोटर साइकिल किसी और (लिफ्ट) के साथ (इसका मतबल हमें किसी और को सहायता (लिफ्ट) देते हूवे। में समाज सकता हूँ की यह बात थोडी कटिन हैं क्यों की किसी और पर बरोसा करना बहुत मुश्किल बात हैं। मगर यहाँ पर हमें एक बात सोचना चाहिए की हम आठंक्वाधि के दुनिया में जी रहे हैं। और जब हम लिफ्टदेते हैं हजारों में एक बार हम गलत व्यक्ति को लिफ्ट देंगे और कुछ शायद कुछ अनहोनी होने की आशंका हैं। परंत्हू हमें यह भी सोचना चाहिए की इस आतंक दुनिया में कुछ भी इतना सुरक्ष नही हैं। तो क्यों ना हम लिफ्ट देने कीपरम्परा शुरू करे। हमें यह नही सोचना चाहिए की हम कितनी दुस्तिथि में जीराहे हैं मगर हमें यह सोचना चाहिए की हम कितना अच्छा कररहे हैं और में यह सोचता हूँ की में मेरा दीमक सिर्फ़ अच्छे काम में लगना चाहता हूँ और इससे हम एक नही परम्परा शुरू करसकते हैं। ) - हमें एक और बात ध्यान में रखना चाहिए और सबक भी सीखना चाहिएकी अमेरिका अब बहुत कठिनाई का सामना कर रहा हैं जबकि उनके पास दुनिया में सबसे जादा घडियां हैं और उनकेलिए पेट्रोल की बहुत समस्याय हैं। हमें यह निश्चित करना हैं की यह समस्या हमें नही आयें
  5. मोटर साइकिल।
  6. निजी परिवाहन (ऑटो रिक्शा, टक्सी, रिक्शा (शायद यह इतना इस्तमाल में नही हैं।) ताखी हम रोजगार बड़ा सखे)
  7. कार किसी और के साथ (में यह समजता हूँ की कार रहने से कोई आधमी आमिर नही बन्न जाता हैं अगर हमें अमीरी दिखानी हैं तो हमें समजदारी से काम करना चाहियें हमें आसपास के लोगों से एक गुट बनानी चाहिए और सब मिलकर जाना चाहियें। इसतरह की कोशिश दिल्ही, मुंबई जैसें शहरों में मौजूद हैं जहाँ यह लगभग मजबूरी बंगई मगर हमें यह एहसास करना हैं की हमें मजबूरी आने तक इन्तजार नही करना चाहियें। हमें पहले से ही इसतरह की कोशिश शुरू करना चाहियें। और एक बात भी दयान में होना चाहियें की टाटा की एक लाख की कार आने वाली हैं उसके बाद सब लोग कार करिध्लेंगे तब बहुत मुश्किल होंगा हमें। जहा तक गुट बनने की सवाल हैं में यह कहसकता हूँ की 90% लोगों के पास इन्टरनेट या मोबाइल फोन्स रहेंगे तो इन सुचना के माद्यम को हमें समज्धार सेइस्तमाल करना चाहियें।)
  8. कार (यह मेरी अन्तिम प्रथिमिक्था हैं।)

इस्थारह से बचत करा हूवा आमदानी को हम बहुत जगहों में इस्थामाल कर सकते हैं जो मुझे बोलने की जरूरत नही हैं मगर यह अहम् समय हैं जहा हमें सुरक्षा केलिए हमें बहुत धन चाहियें जहा हम इस्थामाल करसकते हैं

यह बहुत निराश की बात हैं की भारात(हमारी) के सरकारें अभी थक साइकिल की प्रमुक्यथा नही समजी हैं मगर यह बात अलग हैं इधर (जर्मनी) जहा साइकिल चालाक को अलग स्थान हर रस्ते पर रहता हैं

इस्थारह की सोच से हम बहुत बदलाव देख सकते हैं जैसे की सेहत, अच्छी पर्यावरण और डॉक्टरों की मेहेंगे दामों से बच सकते हैं


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